ताजा खबर
पुणे में 19 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या, मोबाइल फॉर्मेट करने से बढ़ा सस्पेंस   ||    पुणे में इफ्तार की तैयारी कर रहे युवकों पर हमला, 4-5 घायल, 100 से ज्यादा पर केस   ||    21 करोड़ स्टांप ड्यूटी विवाद: अमाडिया एंटरप्राइजेज की अपील पर अगली सुनवाई 6 अप्रैल को   ||    पुणे में आवारा कुत्तों का कहर: 33 वर्षीय महिला को नोंचकर मार डाला   ||    उदयपुर एयरपोर्ट का समर शेड्यूल जारी, दिल्ली की उड़ानें आधी; पुणे के लिए डायरेक्ट फ्लाइट अब भी नहीं   ||    पुणे में इफ्तार के दौरान झील किनारे हमला, 100 से ज्यादा लोगों पर केस; कई घायल   ||    पुणे में लिफ्ट के दरवाजे में फंसा मासूम बच्ची का हाथ, कुछ मिनटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला   ||    पुणे में 17 मार्च को लगेगा रोजगार मेला, 24 कंपनियां देंगी 1900 से अधिक नौकरियां   ||    धायरी में क्रिकेट बैट से हमला, 28 वर्षीय युवक की मौत; आरोपी फरार   ||    पुणे में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर सख्त रुख, महापौर मंजूषा नागपुरे ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्दे...   ||   

वकील असीम सरोदे का वकालत लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित, बोले "मैं अपील करूंगा"

Photo Source : Google

Posted On:Tuesday, November 4, 2025

पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र और पुणे के प्रसिद्ध वकील असीम सरोदे का वकालत लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा ने की है। उन पर आरोप था कि उन्होंने न्यायपालिका, तत्कालीन राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक और आलोचनात्मक टिप्पणियां की थीं।

बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने इस मामले को पेशेवर दुर्व्यवहार बताया। समिति का कहना है कि सरोदे की टिप्पणियों से यह संदेश गया कि न्यायपालिका भ्रष्ट या दबाव में है, जिससे आम लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। यह कार्रवाई राजेश दाभोलकर की शिकायत पर की गई थी। हालांकि समिति ने यह भी माना कि यह सरोदे के खिलाफ पहली शिकायत थी, इसलिए उन्हें सख्त सजा नहीं दी गई।

वकील असीम सरोदे ने इस आदेश को कानूनन गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया में अपील करेंगे। सरोदे का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति का अपमान करना नहीं था, बल्कि व्यवस्था पर सवाल उठाना था ताकि उसमें सुधार हो सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने ‘फालतू’ शब्द का इस्तेमाल तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के लिए नहीं, बल्कि उस समय के एक राजनीतिक संदर्भ में किया था। सरोदे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के निर्णय को लेकर भी असहमति जताई थी, जिसे गलत अर्थ में लिया गया।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.